Saturday, November 14, 2009
आकाशाला विचारल एकदा ती गेली कुठे,
रडला आणि म्हणाला ती जायला तुझ्याकडे आलीच कुठे
मीच वेडा एकतर्फी प्रेम करत बसलो,
अपेक्षा नही ठेवल्या तरी विनाकारण तिच्यात फसलो
तीच बोलन तीच हसन रुतात गेला मनात,
चिर पाडून मनाला निघून गेली क्षणात
वारा शोधे सैरावैरा रस्ता पाहतो तिचीच वाट,
चिंता वाटे त्याना माझी आता कशी व्हावी भेटगाठ
तिला शोधता शोधता आता थकले माझे नेत्र,
ओठ ही नकळत जपतात तिच्याच नावाचे स्तोत्र...
रडला आणि म्हणाला ती जायला तुझ्याकडे आलीच कुठे
मीच वेडा एकतर्फी प्रेम करत बसलो,
अपेक्षा नही ठेवल्या तरी विनाकारण तिच्यात फसलो
तीच बोलन तीच हसन रुतात गेला मनात,
चिर पाडून मनाला निघून गेली क्षणात
वारा शोधे सैरावैरा रस्ता पाहतो तिचीच वाट,
चिंता वाटे त्याना माझी आता कशी व्हावी भेटगाठ
तिला शोधता शोधता आता थकले माझे नेत्र,
ओठ ही नकळत जपतात तिच्याच नावाचे स्तोत्र...
Thursday, October 29, 2009
दर्जनों समेटकर बैठा हूँ मै इन रंगीन दर्द के नजारों के साथ,
हाय वो तितली मेरे दिल को इस तरह से छू के चली गई
उन तमाम सूखे पत्तो को याद है उनके पाओकी नाजुकी मेहसूस,
पूछते है हर बार उनको पर क्या बताऊ कहा चली गई
मैखानो मैं शराबों का नशा कुछ खास छा नही रहा,
जाने कोनसा सुकून-ऐ-नशा इस बेक़सूर को आंखोंसे पिलाकर चली गई
दुनियासे, मौतसे और मैंने खुदसे इस तरह रंजिशे बनाई तुम्हारे लिए,
तक रहा हूँ तुम्हारे आने की ख़बर, तुम चले आओ जहा भी तुम चली गई...
हाय वो तितली मेरे दिल को इस तरह से छू के चली गई
उन तमाम सूखे पत्तो को याद है उनके पाओकी नाजुकी मेहसूस,
पूछते है हर बार उनको पर क्या बताऊ कहा चली गई
मैखानो मैं शराबों का नशा कुछ खास छा नही रहा,
जाने कोनसा सुकून-ऐ-नशा इस बेक़सूर को आंखोंसे पिलाकर चली गई
दुनियासे, मौतसे और मैंने खुदसे इस तरह रंजिशे बनाई तुम्हारे लिए,
तक रहा हूँ तुम्हारे आने की ख़बर, तुम चले आओ जहा भी तुम चली गई...
Thursday, October 1, 2009
यु अकेले खिलके, मुरझाकर मरने में क्या मजा,
कोई खिले, मारके इस खिले फूलको तो मजा आए
बोहोत सुने देखे लोग आपके साए को तड़पते हुए,
कोई साया रात में चुपके से छू जाए तो मजा आए
नजाने कितने दिवाने केहते है दिल की बात हमसे,
कोई बिना अर्ज़ किए दिल चुराए तो मजा आए
मेरी हर एक साँस उनके ही नाम से जीती है,
किसीकी साँस हमारे नाम से जिए तो मजा आए
मरने से पहले हर दुश्मन आखरी सलाम देने आते है,
उसी वक्त हमारी नजर कोई दोस्त को ढूंढे तो मजा आए...
कोई खिले, मारके इस खिले फूलको तो मजा आए
बोहोत सुने देखे लोग आपके साए को तड़पते हुए,
कोई साया रात में चुपके से छू जाए तो मजा आए
नजाने कितने दिवाने केहते है दिल की बात हमसे,
कोई बिना अर्ज़ किए दिल चुराए तो मजा आए
मेरी हर एक साँस उनके ही नाम से जीती है,
किसीकी साँस हमारे नाम से जिए तो मजा आए
मरने से पहले हर दुश्मन आखरी सलाम देने आते है,
उसी वक्त हमारी नजर कोई दोस्त को ढूंढे तो मजा आए...
Thursday, July 30, 2009
Wednesday, July 29, 2009
Tuesday, July 28, 2009
Sunday, July 26, 2009
Monday, July 20, 2009
Saturday, July 18, 2009
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