Monday, January 25, 2010

बस केहते जाओ बोहोत कुछ आज ही,

ये आखरी जो रात है तुमसे मिलने की,

काश ये रात जिंदगी इतनी लम्बी होती,

फिर हमें जिंदगी जीने की कुछ उम्मीद ना होती...