Thursday, October 1, 2009

यु अकेले खिलके, मुरझाकर मरने में क्या मजा,
कोई खिले, मारके इस खिले फूलको तो मजा आए

बोहोत सुने देखे लोग आपके साए को तड़पते हुए,
कोई साया रात में चुपके से छू जाए तो मजा आए

नजाने कितने दिवाने केहते है दिल की बात हमसे,
कोई बिना अर्ज़ किए दिल चुराए तो मजा आए

मेरी हर एक साँस उनके ही नाम से जीती है,
किसीकी साँस हमारे नाम से जिए तो मजा आए

मरने से पहले हर दुश्मन आखरी सलाम देने आते है,
उसी वक्त हमारी नजर कोई दोस्त को ढूंढे तो मजा आए...

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